
विजय पाल चतुर्वेदी
सिद्धार्थनगर – शिक्षा क्षेत्र भनवापुर क़े संविलयित उच्च प्राथमिक विद्यालय भनवापुर में आज प्रार्थना सभा क़े बाद जल संरक्षण हेतु जागरूकता रैली निकाली गयी। जल क़े महत्व से सम्बंधित स्लोगन की तख्ती लिए बच्चों क़े नारों की गूंज दूर तक सुनायी पड़ी। जल है तो जीवन है, भनवापुर ने ठाना है पानी न बेकार बहाना है आदि नारों क़े साथ बच्चों की रैली विद्यालय से शुरू होकर ब्लॉक क़े मुख्य द्वार तक गया। रैली से पूर्व बच्चों को जल संरक्षण की शपथ प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉ चंदेश्वर यादव द्वारा दिलायी गयी तथा सहायक अध्यापक लाल बहादुर द्वारा जल क़े महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इस दौरान सहायक अध्यापक अखिलेश सिंह, अमरावती चौधरी व नवरतन वरुण तथा शिक्षा मित्र राम मूरत यादव उपस्थित रहे।

बताते चलें कि विद्यालय में गठित इको क्लब क़े सदस्यों क़े द्वारा आए दिन विविध कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। डॉ यादव क़े विद्यालय का प्रभार सँभालने क़े बाद कई अमूल चूल वैकासिक परिवर्तन देखा जा सकता है। विद्यालय में विकसित किया जा रहा शहीद भगत सिंह स्मृति उपवन इसका एक उदाहरण है। दर्जनों पुस्तकों क़े रचनाकार विद्यालय क़े प्रभारी विद्यालय और बच्चों क़े सर्वांगीण विकास क़े लिए नित नए प्रयास करते रहते हैं। वर्ष 2018 में पूर्व माध्यमिक विद्यालय पटखौली माफ़ी में सहायक अध्यापक रहते हुए 18 बच्चों को विश्व हिन्दी संस्थान कनाडा द्वारा आयोजित ‘मैं और हिन्दी’ विषयक निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग कराते हुए विद्यालय को नई पहचान दिलायी। भनवापुर में रहते हुए डॉ चंदेश्वर ने सहायक अध्यापक लाल बहादुर के साथ साहित्य संगम संस्थान क़े नशा उन्मूलन सम्बन्धी कार्यक्रम में प्रतिभाग कर गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया जो परिषदीय विद्यालयों क़े लिए किसी गौरव से कम नहीं। डॉ यादव की पुस्तक पटकथा सौंदर्य और सृजन केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल क़े पाठ्यक्रम में शामिल है। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से धर्मवीर भारती सृजना पुरस्कार से सम्मानित अध्यापक डॉ चंदेश्वर अब तक देश विदेश की कई संस्थानों से सम्मानित हो चुके हैं।
