
5 फरवरी से लापता थे 66 वर्षीय जवाहिर, पहचान पत्र और कपड़ों से हुई शिनाख्त

विजय पाल चतुर्वेदी
सिद्धार्थ नगर -डुमरियागंज थाना क्षेत्र के ग्राम धनोहरी निवासी 66 वर्षीय जवाहिर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजे खम्हरिया गांव के पास नहर के पूर्वी किनारे सड़क पर मानव हड्डियां और कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने कपड़े, आधार कार्ड व अन्य कागजात के आधार पर शव की पहचान जवाहिर के रूप में की है। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

परिजनों का कहना है कि जवाहिर (66 बर्ष)5 फरवरी 2026 को ग्राम मन्नीजोत के सुरेन्द्र के साथ तथा अन्य साथियों—चिनकू पुत्र गनीराम, खुरबुर पुत्र कनिकराम निवासी सेमरी खुटी, राम अनुज निवासी मंत्री जोत, राकेश बर्मा पुत्र पतिराम निवासी मन्नीजोत आदि के साथ ग्राम भड़रिया में मुंडन संस्कार कार्यक्रम में बाजा बजाने गए थे। कार्यक्रम के बाद सभी लोग अपने-अपने घर लौट आए, लेकिन जवाहिर वापस नहीं पहुंचे। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने खम्हरिया गांव के पास नहर किनारे सड़क पर कुत्तों द्वारा खींची गई मानव हड्डियां देखीं। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने आसपास तलाश की तो गड्ढे में पानी के बीच सिर का कंकाल, कपड़े और पहचान पत्र बरामद हुआ। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

मृतक की पत्नी नन्ही देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के चार बेटे—तुलसीराम, चिंकू, राजेश कुमार, राजेंद्र कुमार—और एक बेटी रोशनी हैं। परिवार के अनुसार जवाहिर ही घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है।
इस संबंध में त्रिलोकपुर थानाध्यक्ष चंद्रकांत पांडे ने बताया कि थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है मौके पर पहुंचकर शव के अवशेषों का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम और डीएनए टेस्ट के लिए भेज दिया गया है। मृतक के बेटे की तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है।
